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अच्छी सेहत के लिए टीकाकरण बहुत जरुरी – जिला प्रतिरक्षण अधिकारी

नियमित टीकाकरण कराएं – बच्चों को बीमारियों से बचाएं

नियमित टीकाकरण में बढ़ोत्तरी के लिए राजेपुर व नवावगंज ब्लाक में चाई संस्था कर रही है कार्य
परेशानियों से बचने के लिए गर्भावस्था के दौरान जरूर लगवाएं टीडी वैक्सीन
अच्छी सेहत के लिए टीकाकरण बहुत जरुरी – जिला प्रतिरक्षण अधिकारी

फर्रुखाबाद, टीकाकरण जहां लोगों की बीमारियों से सुरक्षा करता है वहीं सेहतमंद बनाने में भी मददगार बनता है | बात चाहे बच्चों के नियमित टीकाकरण की हो या कोविड टीकाकरण की, इनको समय से अपनाने में ही सभी की भलाई है | यह कहना है जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रभात वर्मा का |

डॉ वर्मा ने कहा कि जिले में सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के साथ ही शहरी क्षेत्र के सभी बच्चों और गर्भवती की सेहत दुरुस्त रहे, इसके लिए सभी जरूरी टीके लगाये जाते हैं | जिले के दो ब्लॉक राजेपुर और नवावगंज में नियमित टीकाकरण में बढ़ोत्तरी के लिए क्लिंटन हेल्थ एक्सेस इनिशिएटिव (चाई) संस्था दिसम्बर 2020 से कार्य कर रही है | संस्था द्वारा समय – समय पर प्रशिक्षण देकर एएनएम को सही ढंग से टीका लगाने व पोर्टल पर अपडेट करने के बारे में बताया जाता है |
चाई संस्था के जिला प्रतिनिधि शबाब हुसैन रिज़वी ने राजेपुर ब्लॉक के गाँव भाउपुर चौरासी में नियमित टीकाकरण के निरीक्षण के दौरान बताया कि प्रदेश के 34 जिलों के 100 ब्लॉक में चाई संस्था कार्य कर रही है | संस्था जिले के दो ब्लॉक राजेपुर और नवावगंज में दिसम्बर 2020 से नियमित टीकाकरण में सुधार के लिए कार्य कर रही है |


शबाब ने कहा कि जिले के दो ब्लॉक के टीकाकरण की बात करें तो 1 अप्रैल 2020 से नवम्बर 2020 में राजेपुर ब्लॉक में 2118 बच्चों को और 2269 गर्भवती महिलाओं को, नवावगंज ब्लॉक में 2718 बच्चों को और 3317 गर्भवती महिलाओं के टीके लगे थे, जबकि 1 अप्रैल 2021 से नवम्बर 2021 में अब तक राजेपुर ब्लॉक में 2203 बच्चों को और 3132 गर्भवती महिलाओं को, नवावगंज ब्लॉक में 2387 बच्चों को और 2790 गर्भवती महिलाओं के टीके लगे |
शबाब ने कहा कि कोविड टीकाकरण की बजह से नियमित टीकाकरण अभी सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है इसलिए अभी इसमें और सुधार होना है |
इस दौरान मौजूद यूएनडीपी से वीसीसीएम मानव शर्मा ने बताया कि महिला को गर्भ धारण करने के बाद जैसे ही पता चलता है की वह गर्भवती है उसको टीडी का टीका लगाया जाता है| यह माँ और बच्चे को टिटनेस और डिप्थीरिया से बचाता है इसके बाद दूसरा टीका एक माह बाद लगता है |
मानव ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे को पोलियो की खुराक के साथ ही टीबी से बचने के लिए बीसीजी का टीका, हेपेटाईटिस बी का टीका, इसके बाद डेढ़, ढाई और साढ़े तीन माह पर पोलियो की खुराक, पेंटा का टीका, रोटा वायरस से बचाने के लिए रोटा का टीका और बच्चों को निमोनियां से बचाने के लिए पीसीवी का टीका दिया जाता है | इसके बाद नौ माह पर खसरा और रुबेला का टीका के साथ ही बच्चों को रतौंधी रोग न हो और बच्चों की आँखों की रोशनी अच्छी हो, इसके लिए विटामिन ए की खुराक भी दी जाती है | 16 से 24 माह के बीच डीपीटी बूस्टर, पोलियो की खुराक, खसरा और रुबेला के टीके के साथ ही विटामिन ए की खुराक दी जाती है |
इस दौरान टीएसयू से जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ , क्षेत्र की एएनएम पावनी, आशा सुमन, आशा संगिनी पूजा मौजूद रहीं |

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