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योगी कैबिनेट की अहम बैठक, इस नियमावली में होगा संशोधन, इन प्रस्तावों पर भी लगेगी मुहर!

Cabinet Meeting : योगी कैबिनेट की अहम बैठक आज, इस नियमावली में होगा संशोधन, इन प्रस्तावों पर भी लगेगी मुहर! मंत्रिमंडल विस्तार पर अपडेट
आज मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर कर्मियों की नियुक्ति के लिए नई नीति को मंजूरी दी जा सकती है। वही सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।

Yogi cabinet meeting  : योगी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच आज मंगलवार शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुलाई गई है, इसमें आउटसोर्सिंग पर कार्मिकों की नियुक्ति समेत एक दर्जन प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है।यूपी की योगी सरकार संतानों के लिए संपत्ति पर अधिकार की नियमावली में संशोधन करने जा रही है.

इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी-:
प्रदेश में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 में संशोधन का प्रस्ताव आ सकता है। इसमें माता-पिता भरण पोषण नियमावली में संशोधन के लिए बिंदु 22 पर कुछ और उप नियम जोड़े जाएंगे। इसके तहत एसडीएम की अध्यक्षता में गठित ट्रिब्युनल को यह अधिकार होगा कि वह माता-पिता का ध्यान न रखने वाले बच्चों को उनकी संपत्ति से बेदखल कर सकें। इस फैसले को लागू करवाने की जिम्मेदारी भी एसडीएम की होगी, जिसमें पुलिस भी मदद करेगी।
नियमावली में संशोधन के बाद वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति से संतानों एवं रिश्तेदारों की बेदखली के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में गठित अधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। अगर वरिष्ठ नागरिक स्वयं आवेदन करने में असमर्थ हैं तो कोई संस्था उनकी ओर से आवेदन दाखिल कर सकती है। कोई व्यक्ति आदेश जारी होने के 30 दिनों के अंदर वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से बेदखली आदेश को नहीं मानता है तो अधिकरण उस संपत्ति पर पुलिस की मदद से कब्जा कर सकता है। अधिकरण ऐसी संपत्ति को बाद में बुजुर्ग को सौंप देगा।
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर कार्मिकों की नियुक्ति के लिए नई नीति को मंजूरी दी जा सकती है।
सरकारी डाक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।
प्रदेश सरकार 17 नगर निगमों समेत 19 शहरों में ई-बसें चलाने का प्रस्ताव। ये बसें पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत चलाई जाएंगी। प्रस्ताव के मुताबिक बड़े शहरों में 150-150, मध्यम शहरों में 100-100 और छोटे शहरों में 50-50 बसें चलाई जाएंगी।
प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक गलियारों के विकास तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेसवे को आगे बढ़ाने से संबंधित प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल सकती है।
परिवहन विभाग की ओर से सड़क दुर्घटना जांच योजना लागू की जा रही है।सड़क दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु होने पर आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का प्रस्ताव भी आ सकता है। मुआवजा देने से पहले दुर्घटना की जांच की जाएगी। जांच में यदि यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक यात्री जिस वाहन में सवार थे, दुर्घटना में उस वाहन चालक की गलती नहीं थी तब ही मुआवजा दिया जाएगा।

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