कायमगंज ,फर्रुखाबाद,आरोही टुडे संवाददाता

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट से त्यागपत्र देने वाले व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारी तथा सदस्यों ने कल ही कंछल गुट से नाता तोड दिया था। आज इन सबने उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल के समक्ष सीपी सभागार में आयोजित बैठक में इसी गुट की सदस्यता ग्रहण कर ली।

सदस्यता ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रांतीय अध्यक्ष ने सम्मिलित हुए मनोज कौशल को जिला अध्यक्ष, संजय गुप्ता व अमित सेठ को कायमगंज नगर के साथ ही प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी। पिछले संगठन में भी रामप्रकाश यादव प्रदेश उपाध्यक्ष थे और इस संगठन में भी इन्हें यही पद दिया गया। इसीके साथ पवन गुप्ता को भी प्रांतीय उपाध्यक्ष घोषित किया गया। नए संगठन की नई कार्यकारणी में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल व डॉ विकास शर्मा को संरक्षक घोषित किया गया।

आहूत बैठक में संजय गुप्ता प्रदेश संयुक्त महामंत्री एवं नगर अध्यक्ष कायमगंज ,अमित सेठ प्रदेश मंत्री एवं नगर महामंत्री, सतीश चंद्र अग्रवाल नगर कोषाध्यक्ष ,पवित्र गुप्ता जिला महामंत्री, मिथुन कोषाध्यक्ष, अतुल यादव जिला उपाध्यक्ष, विशाल यादव जिला मंत्री, सुबोध गुप्ता उर्फ मनसा राम युवा जिलाध्यक्ष ,प्राची कनौजिया जिला महामंत्री, सहित कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों को नामित करते हुए रश्मी दुबे को महिला जिलाध्यक्ष एवं रमला राठोर महिला जिला महामंत्री के साथ ही कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों की घोषणा कर दी गई। बैठक में कहा गया कि नव गठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को नव वर्ष के अवसर पर 01 जनवरी 2022 को भव्य समारोह आयोजित कर शपथ ग्रहण कराई जाएगी। बैठक के दौरान घोषणा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने व्यापारियों से कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में 10 हजार व्यापारी सैनिक नियुक्त किए जाएंगे, जो जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारी हितों व उनके सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को बदायूं में प्रदेश कार्य समित की बैठक होगी।

जिसमें प्रदेश व केंद्र सरकार के समक्ष व्यापारियों की समस्याओं के निस्तारण के साथ ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी तय कर ली जाएगी। बैठक में मल्टीनेशनल कंपनियां, शॉपिंग मॉल, ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारियों ने कहा की इससे व्यापार चौपट हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि आपने नारा दिया था। एक देश एक कानून उसे याद करके इन कंपनियों को रोकें, नहीं तो व्यापारी सड़कों पर उतरेगें। उन्होंने कहा कि साल भर में कम से कम 52 दिन बाजार बंद रहता है। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग का काम होता रहता है। यदि बाजार बंदी हो तो सबके लिए एक समान होनी चाहिए।

संवाददाता अभिषेक गुप्ता की रिपोर्ट

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