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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना : अब तक लगभग 47 हजार महिलाओं का हो चुका है पंजीकरण

योजना के तहत लगभग 17.67 करोड़ का हो चुका है भुगतान
पहली बार गर्भवती होने पर तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रुपये

लाभार्थियों ने योजना को सराहा, कहा – आशा कार्यकर्ता ने की पूरी मदद

फर्रुखाबाद, आरोही टुडे न्यूज़

शहर के मोहल्ला सूफ़ी खां की रहने वाली साजिया (28) बताती हैं कि पहली बार गर्भवती होने पर गर्भावस्था के दौरान दो किश्तों में 3000 रुपए बैंक खाते में मिले, प्रसव के बाद अंतिम किश्त के रूप में 2000 रुपये मिले। उन्होने कहा कि सरकार की यह योजना बहुत ही अच्छी है, जिससे हम अपने खान-पान का अच्छी तरह से ख्याल रख सकते हैं। मुझे जो रूपए मिले उसको मैंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए बैंक में जमा करा दिया l प्रसव के समय आशा कार्यकर्ता राजदा ने काफी सहायता की।
इसके अलावा शहर के मोहल्ला कटरा बू अली खां की रहने वाली रुचि (27) बताती हैं कि पहली बार मां बनने पर उन्हें तीन किश्तों में 5000 रुपए मिले जिससे समुचित पोषण में लाभ मिला। इस योजना से वह बेहद संतुष्ट और प्रसन्न हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ अवनींद्र कुमार ने बताया कि जनपद सहित प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की शुरुआत जनवरी 2017 से हुई थी। पीएमएमवीवाई, एक ऐसी योजना है जिसमें पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण सहायता के रूप में तीन किश्तों में 5000 रुपये सरकार द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में साल 2017 से अब तक 46,668 महिलाओं का योजना के तहत पंजीकरण हो चुका है।

तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रुपये – एसीएमओ एवं योजना के नोडल अधिकारी डॉ रंजन गौतम ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को तीन किश्तों में 5000 रुपए दिए जाते हैं । पहली किश्त 1000 रुपए की होती है जो कि गर्भावस्था के दौरान पहले 150 दिन के अंदर पंजीकरण कराने के बाद प्रदान की जाती है। दूसरी किश्त गर्भावस्था के 180 दिन के अंदर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराने पर प्रदान की जाती है । दूसरी किश्त में लाभार्थी को 2000 रुपए मिलते हैं। तीसरी किश्त प्रसव के 42 दिन के बाद बच्चे के प्रथम चरण के टीकाकरण पूर्ण होने पर मिलती है। इसके तहत लाभार्थी को 2000 रुपए दिए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और पोर्टल से जुड़ी हुयी है । पोर्टल पर लाभार्थी का पंजीकरण होना बहुत ही आवश्यक है, क्योंकि इसी के आधार पर उसे योजना का लाभ मिल सकेगा ।

एसीएमओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 9688 महिलाओं का पंजीकरण किया गया तो वहीं 2020 -21 में 9704, 2021-22 में 12106, और 2022-23 में अब तक 3486 महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है l योजना के तहत जिले में अब तक करीब 17 करोड़ 67 लाख 46 हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजे जा चुके हैं। साथ ही कहा कि अगर किसी को भी इस योजना के बारे में जानकारी चाहिए है तो 7998799804 टोल फ्री नम्बर पर बात कर ले सकते हैं l

ऐसे मिलेगा योजना का लाभ – जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) आशुतोष यादव ने बताया कि सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में गांव व वार्ड की आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम, बीसीपीएम/बीपीएम के माध्यम से फार्म भरा जाता है। लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड, गर्भवती व पति का आधार कार्ड तथा लाभार्थी के खाते की पासबुक की फोटो कॉपी तथा बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र फार्म भरते समय जमा करना होता है।
फोन पर कोई भी लाभार्थी न बताये खाता संख्या या ओटीपी –
आशुतोष ने बताया की फोन पर यदि कोई ब्यक्ति किसी तरह का बैंक खाता का डिटेल या ओटीपी मांगे तो कोई भी लाभार्थी कदापि न दें, क्योंकि पीएमएमवीवाई योजना से जुड़े कोई भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा फोन पर खाता या ओटीपी सम्बन्धी कोई जानकारी नही मांगी जाती है।

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