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94% से कम हो आक्सीजन लेवल तो फ़ौरन लें चिकित्सीय परामर्श-सीएमओ


फर्रुखाबाद ,arohi today news
कोरोना के माइल्ड केस में संक्रमित घर पर अपनी देखभाल करा सकते हैं। यह ध्यान रखना होगा कि शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा (ऑक्सीजन सैचुरेशन) 94 प्रतिशत से अधिक हो। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हल्के लक्षणों या बगैर लक्षणों वाले कोरोनो मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की नई गाइड लाइन जारी की है। इसमें सात दिन बाद आइसोलेशन खत्म करने जैसे नियम बनाए गए हैं। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश चंद्रा का |
सीएमओ ने कहा कि जो कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में रहेंगे उन्हें अगर पिछले तीन दिनों में बुखार नहीं आया तो उनको छुट्टी दे दी जाएगी। उन्हें होम आइसोलेशन अवधि समाप्त होने के बाद पुन: परीक्षण कराने की कोई जरूरत नहीं होगी |कहा कि जिले में पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों की तादाद अच्छी खासी है। ऐसे में मामले बढ़ेंगे तो अस्पताल में भर्ती होने की संख्या भी बढ़ेगी। इसलिए होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन जारी की गई है।होम आइसोलेशन के दौरान संक्रमित व्यक्ति को इलाज करने वाले चिकित्सा अधिकारी के संपर्क में रहना होगा। यदि स्वास्थ्य में गिरावट महसूस हो तो उसे तुरंत बताना होगा।
सीएमओ ने बताया कि आज 59 लोग कोरोना से ग्रसित मिले इनको मिलाकर वर्तमान में कोविड के 285 एक्टिव केस जिले में हैं | जिनमें से 219 होम आइसोलेशन में हैं | 2 मरीज स्वस्थ हुए | 18 मरीज सेन्ट्रल जेल में बने कोविड केयर सेंटर में भर्ती हैं| 1 मरीज एल 1 अस्पताल बरौन में भर्ती है 3 मरीज दूसरे जिले के चिकित्सालयों में भर्ती हैं |39 मरीज अंडर ट्रेसिंग है |6 मरीज एल 3 में दूसरे जिले में भर्ती हैं |

यह हैं होम आइसोलेशन के नए नियम
• बुजुर्ग मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर होम आइसोलेशन की अनुमति मिलेगी।
• हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर ही रहेंगे। उनके लिए प्रॉपर वेंटिलेशन रहना जरूरी है।
• कोरोना मरीजों को ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
• मरीज को ज्यादा से ज्यादा तरल आहार लेने की सलाह दी गई है।
• एचआईवी संक्रमित, ट्रांसप्लांट कराने वाले और कैंसर के मरीज को डॉक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रखा जा सकेगा।

यह नियम जानना भी जरूरी
• बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 93 फीसदी से ज्यादा होगा उन्हें ही होम आइसोलेशन में जाने की इजाजत होगी।
• माइल्ड और एसिम्प्टोमेटिक मरीजों को जिला स्तर के कंट्रोल रूम के सतत संपर्क में रहना होगा।
• कंट्रोल रूम उन्हें जरूरत पड़ने पर टेस्टिंग और हॉस्पिटल बेड समय पर मुहैया करवा सकेंगे।
• मरीज को एस्टरॉयड लेने की मनाही है। सिटी स्कैन और चेस्ट एक्सरे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं किए जाएंगे।

यह लक्षण हों तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लें
• तीन दिनों तक यदि लगातार बुखार 100 डिग्री फेरनहाइट से ज्यादा हो।
• यदि सांस लेने में मुश्किल और सांस फूलने लगे।
• शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरकर 93 फीसदी से कम हो जाए।
• श्वसन दर प्रति मिनट 24 हो।
• सीने में लगातार दर्द या दबाव महसूस हो या होंठ नीले हों ।
• मानसिक भ्रम की स्थिति बने।
• गंभीर थकान व बदन दर्द हो।

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