Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

Download App from

पापों को मिटाने के लिए भूतल पर अवतरित भगवान : अनूप महाराज

 

जिला हरदोई के ग्राम अखबेलपुर मलवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में असलापुर धाम से पधारें सुप्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य अनूप ठाकुर जी महाराज ने कहा, जब जब पृथ्वी पर पापाचार की वृद्धि होती है, भगवान श्रीकृष्ण धरा पर अवतरित होते हैं। हमारे अंदर आसुरी प्रवृत्ति बढ़ जाती है, क्रोध अहंकार लोभ अपना स्थान बना लेते हैं तब कृष्ण अर्थात दैवीय शक्ति उनका नाश करती है। कन्हैया नंद यशोदा के घर गोकुल गए। नंद सभी को आनंद देता है और यशोदा सबको यश सम्मान देने वाली है!
व्यास अनूप ठाकुर ने कहा कि द्वापर युग में पापी राजाओं के अत्याचार से पृथ्वी थर्रा उठी। पृथ्वी लोक में कोई भी ऐसा स्थान नहीं था, जहा पाप कर्म न हो रहा हो। जब पापों की अति हो गई तो पृथ्वी एक गाय का रूप धारण करके प्रजापिता ब्रह्मा के पास गई और उसने अपनी सारी व्यथा सुनाई। ब्रह्मा जी ने सभी देवताओं व गाय बनी पृथ्वी को साथ लेकर विष्णु जी से प्रार्थना की। देवताओं की प्रार्थना सुनने के पश्चात विष्णु जी ने कहा कि अब पापियों का अंत आ गया है। पृथ्वी लोक में धर्म की पुन: स्थापना के लिए मैं मथुरा में देवकी की कोख से कृष्ण के रूप में जन्म लूंगा। भगवान विष्णु का यह आश्वासन पाकर देवता अपने लोक में चले गए और पृथ्वी वापस अपने लोक में आ गई। उधर, कंस का अत्याचार बढ़ता ही जा रहा था। संत, मुनी, ब्राह्माण और प्रजा उसके अत्याचारों से त्राहि-त्राहि कर रही थी। कंस अपनी बहन देवकी से अत्याधिक स्नेह करता था। उसके विवाह में विदाई के समय वह स्वयं रथ हाक रहा था कि अचानक आकाशवाणी हुई कि हे कंस, जिस बहन को तू खुशी-खुशी विदा कर रहा है। उसी का आठवा पुत्र तेरा वध करेगा। यह सुनकर कंस ने देवकी को मारने के लिए तलवार उठाई तभी देवकी के पति वसुदेव ने उसे ऐसा करने से मना करते हुए वचन दिया कि वे जो भी संतान होगी उसे कंस को सौंप देंगे। देवकी के जो भी संतान पैदा होती उसे वसुदेव कंस को सौंप देते थे। इसी तरह एक-एक कर कंस ने देवकी की सभी संतानों को मौत के घाट उतार दिया और जब अंतिम बालक कृष्ण पैदा हुए तो देवताओं ने आकाश से फूल बरसाए। इस मौके पर परिक्षित राकेश सिंह सपत्नीक, सुधीर सिंह,ईशू सिंह, सत्येंद्र सिंह, राजू सिंह चौहान, सुशील सिंह, अखिलेश सिंह, दलगंजन सिंह, मदन पाल सिंह, भानुप्रताप सिंह गुड्डू, महेंद्र सिंह फौजी, दिनेश सिंह कोटेदार, शिवकुमार सिंह प्रधान, प्रवेश कुमार, विशेश्वर सिंह यादव सालिकराम समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।

 

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

× How can I help you?