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भारत विकास परिषद द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई

फर्रुखाबाद, आरोही टुडे न्यूज़

भारत विकास परिषद् जनपद फर्रुखाबाद द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती जोगराज स्ट्रीट स्थित एशियन कंप्यूटर सेंटर में धूमधाम से मनाई गई।
कार्यक्रम का प्रारंभ परिषद की परंपरा के अंतर्गत सभी ने अपने स्थान पर खड़े होकर वंदे मातरम गीत गाया तत्पश्चात कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ आर के गुप्ता, ब्रजकिशोर सिंह , कवि ह्रदय कृष्णकांत त्रिपाठी अक्षर एवं सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रिंसिपल रागिनी मिश्रा ने मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रज्वलन किया । परिषद के जिला समन्वयक अतुल रस्तोगी ने मंचासीन अतिथियों श्री बृज किशोर सिंह , श्री कृष्ण कांत त्रिपाठी अक्षर एवम् महीयसी महादेवी शाखा की महिला संयोजिका श्रीमती प्रीति रायजादा ने श्रीमती रागिनी मिश्रा का माल्यार्पण किया ।

सहयोग शाखा की सचिव श्रीमती रीता दुबे ने मंचासीन अतिथियों सभागार में बैठे सदस्यों एवं कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विद्यालयों से आए हुए बच्चों का शब्द रूपी पुष्पों से स्वागत किया। कार्यक्रम में सरस्वती बालिका विद्या मंदिर , स्वामी रामानंद बालिका इंटर कॉलेज एवं वीरेंद्र स्वरूप विद्यालय के छात्र-छात्राओं कुमारी सौम्या मिश्रा, अर्पिता श्रीवास्तव , तनु अग्निहोत्री, यशिका सक्सेना, गौरांश मिश्रा ,अन्वेषिका चतुर्वेदी अंबिका शाक्य, आरजू एवं कपिध्वज मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन परिचय एवं कुछ दृष्टांत को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया कुमारी प्रिया मिश्रा ने काव्य पाठ करते हुए चंद लाइने प्रस्तुत की ” इंसानियत इंसान को इंसान बना देती है, लगन इंसान को भगवान बना देती है ” ।

इसी क्रम में परिषद के सदस्य सुदेश दुबे ने गीत प्रस्तुत किया ” जिनके ओजस्वी वचनों से गूंज उठा था विश्व गगन, वही प्रेरणा पुंज हमारे स्वामी पूज्य विवेकानंद ” श्वेता दुबे ने बताया विवेकानंद को समझने के लिए हमें चारित्रिक शारीरिक व मानसिक रूप से सबल बनना पड़ेगा , अनीता पाठक ने कहा कपड़े से किसी की पहचान नहीं होती अपने व्यवहार व व्यक्तित्व को महान बनाएं, मंचासीन अतिथियों में रागिनी मिश्रा ने बताया स्वामी विवेकानंद भारतीय संत परंपरा का पालन करते हुए आधुनिकता का समर्थन करते थे युवा प्रेरणा के प्रतीक , स्वाबलंबी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा थे, कि सभी भाषाओं के समर्थक थे, कृष्ण कांत त्रिपाठी अक्षर ने कहा कि वास्तव में वही धर्म है जो हर धर्म का सम्मान करता है जो दूसरे धर्म की निंदा करता है वह कुत्सित धर्म है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ आर के गुप्ता ने कहा स्वामी जी ने विश्व में भारतीय ज्ञान का डंका बजाया, व्यवसायिक शिक्षा के प्रति शिक्षा को प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन परिषद के प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी आलोक रायजादा ने किया। कार्यक्रम में श्री आरके गुप्ता, कन्हैयालाल जैन ,गौरव मिश्रा, देव कुमार शर्मा, संजय दुबे ,रीता दुबे, राजीव पुरवार ,प्रीति रायजादा, अनीता पाठक ,रविंद्र कुमार गुप्ता प्रफुल्ल अग्रवाल, अमित राठौर, किशन सिंह वर्मा, दीपक गुप्ता सुरेंद्र पांडे, सुनीता पुरवार, रामकुमार वर्मा ,आशा वर्मा अनिल अग्रवाल ,जगदीप सिंह, शिवम गुप्ता आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही।

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